Sunday, February 28, 2016

Rahu in Ashlesha Nakshatra

Ashlesha Nakshatra Sign Cancer 16°40 Cancer to 30°00 Cancer (16'40 Cancer to 0'00 Leo).

Ashlesha nakshatra ruled by Mercury and have impact of Jupiter and Saturn. This is one of magical nakshtra because moon emotion or mind with mercury effect means intelligence combination gives very good results if well placed but it is most dangerous nakshtra also if planet not well placed because two different energy moon-emotion and mercury-intelligence behave dramatically or unknown behaviour if rahu placed in this nakshatra. Rahu in this nakshatra gives very good results if well placed moon and mercury in the chart. Ashlesha present the serpent which is located at the base of spine. It shows mystical power. Rahu in Ashlesha nakshatra shows firming mind, scientific attitude, technical, clever and mind with big ambitions and ideas if these ambitions balanced by mercury then this planet gives excellent results otherwise it give emotional issues, depression, suicidal tendency and negativity etc.

Rahu in Ashlesha Nakshatra pada 1: Rahu in charan 1 falls in Sagittarius navamsa ruled by Jupiter, it shows dedication for work and family, religious side of individual and hard work nature in life. They are not good in business, service is better. Rahu in this nakshatra does well if well placed Jupiter and mercury in the chart otherwise it gives suspicious nature with trouble mind. Medical business is good if well placed moon mercury there.

Rahu in Ashlesha Nakshatra pada 2: Rahu in charan 2 falls in Capricorn navamsa, ruled by Saturn shows shroud nature, aggressive, thin body, cunning, harsh speech and rude nature. This Rahu nakshatra placement shows high ambition, short task master, Saturn is hard task master but in fast moving sign and rahu impact gives short task-master who wants to achieve all things early in life. These peoples are truly opportunist, for them only their benefits matters. These peoples do well in electronics, mines, hidden works, security related work, leather and steel business but they get success after age of 32 in life. They earn good amount of wealth from short cuts.

Rahu in Ashlesha Nakshatra pada 3: Rahu in charan 3 falls in Aquarius navamsa, ruled by Saturn gives ambition or day dreaming but without proper plan or target. These people plans generally crash if mercury support not there in chart. These peoples are truly self-centred; they are not social people and not want many people around them. This is one of the reasons their businesses not successful but they do well in service. Rahu in aslesha gives tendency to find hidden things of life or occult interest and some secrecy in their nature.

Rahu in Ashlesha Nakshatra pada 4: Rahu in charan 4 falls in Pisces navamsa, ruled by Jupiter shows good amount of wealth from many resources or parents or in-laws wealth, these spiritual mind and religious. These people often have interest in poetry, writing and education field. Overall this is good placement if well placed Jupiter and mercury in the chart. They are sharp minded and intelligent and do well in education and career.

Check Consultation page and send mail for your Vedic Astrology Detailed Birth Chart for just 1100 INR & 50 $ for NRI.

For contact or consult me:

Bhatt Prateek 

Sunday, February 21, 2016

General Updates

This time i will just update you my social media general updates here which may useful for you guys because I am writing in social media some small information for my friends/followers.

You can follow me in Facebook:

You can follow me in Twitter:

  • भाग्य के विपरीत होने पर अच्छा कर्म भी दुखदायी हो जाता है। - आचार्य चाणक्य
  • Service or business how we can choose correct path,Read it.I want to remove one misconception of society regarding career or business, I saw many friends using 10th house for service this is wrong practice. The 10th house in horoscope is the house of careers and career may be business, service and other. This house shows your overall career if this house is strong then it tells your career will be strong it may business or service. This house specifies the status of income from business/service or private sector. This house connection from 6th anyhow shows job or from 7th then business.
  • तुला राशि सिर्फ तराज़ू या संतुलन के लिए ही नहीं जानी जाती बल्कि ये महत्वाकांक्षा, कानून , धन और भौतिकता-काम को भी दर्शाती कुंडली में....Libra is not only balance even libra shows ambition, law, sex, materialistic world or attitude of individual and money etc...
  • शत्रु की दुर्बलता जानने तक उसे अपना मित्र बनाए रखें।
  • Planets and their charity ग्रह और उनसे सम्बंधित दान. कुंडली में कमजोर ग्रह सम्बंधित दान करना और पूजा करनी चाइये और मजबूत ग्रह सम्बंधित ग्रह की पूजा करना बेहतर है उसका दान नहीं करना चाइये
  • कुंडली में कमजोर ग्रह सम्बंधित दान करना और पूजा करनी चाइये और मजबूत ग्रह सम्बंधित ग्रह की पूजा करना बेहतर है उसका दान नहीं करना चाइये तो हमलोग बात करेंगे सारे ग्रह और उनसे सम्बंधित दान की. कुछ खास ध्यान देने योग्य बाते नीचे बता रहा हु कृपया दान देते समय उसे ध्यान रखे :
  • ग्रह सम्बंधित दान उस ग्रह के प्रभाव वाले दिन ही दे
  • ग्रह सम्बंधित दान सुबह के वक़्त दे तो सर्वश्रेष्ठ है
  • उचित पात्र के हाथ में दान अति महत्वपूर्ण है, जैसे की शुक्र के लिए छोटी कन्या को खीर या सफ़ेद कपडे दान में देने चाइये लेकिन लोग अपने ही घर या रिश्तेदार की कन्या को दान दे देते है,शायद उन कपड़ो की उनको ज़रूरत हो, इसलीए गरीब उचित पात्र को ही कोई भी दान करे
  • दान देते समय उस ग्रह का बीज मंत्र पढ़े.
  • दान देते हुए आपका चेहरा पूर्व की तरफ हो तो बेहतर है
  • राहु काल में दान देने से बचे
  • ऋण, शत्रु और रोग को जल्द समाप्त कर देना चाहिए।- आचार्य चाणक्य
  • राहु: कल बात केतु के पिछले जनम के कनेक्शन की हुई, आज राहु उसके उलट बैठता है जो की दर्शाता है जो काम नहीं हुए उनकी प्यास या भूख कह ले इस जनम में रहती है(यहाँ घर और नक्षत्र का महत्व साथ लेकर जोड़े). उदहारण के लिए केतु अगर तुला में तो राहु मेष में ये दर्शाता है इंसान पद प्रतिष्ठा प्रशाशन करने के लिए लालयित रहता है और उसके लिए भरसक प्रयत्न करता है, मेष में होने के कारण सब पाने की चाहत जल्दी से रहती है और मेहनत से जातक पीछे नहीं हटता !!!! The opposite sign position of Rahu from ketu shows what qualities and desire the native want to achieve in this birth

  • केतु ऐसा ग्रह जो की राहु की माया में छूप जाता है और कम टीआरपी पाता है आज बात उसी की. केतु की राशि और उसका घर बहुत कुछ बताती है पूर्व जन्म के बारे में और इस जन्म के झुकाव भी दर्शाता है . उदहारण के लिए अगर केतु तुला में है तो ये दर्शाता है पूर्व जन्म तमाम सुख सुविधाओ से पूर्ण रहा,जिसका प्रभाव इस जन्म में दिखेगा आप सुख सुविधाओ की तरफ आसानी से आकर्षित होंगे.. तो केतु पर भी नज़र बनाये रखे,राहु के बारे में कल बताता हु..(इसके साथ और भी सूत्र ध्यान में रखेThe sign/house in Ketu placed shows the qualities of the person in past birth that become inclinations in this birth also. Will tell about rahu tomorrow.

  • लाभेशे भाग्यभावस्थे भाग्यवान जायते नरः||
     चतुरः सत्यवादी राजपूज्यो धनाधिपः||
  • जब ११ घर का स्वामी नवे घर (११ से ११) में स्थित होगा जातक भाग्यशाली चतुर और सत्यवादी होगा. जातक हर जगह सम्माननीय और समाज में प्रतिष्ठित होगा. धन प्रचुर मात्रा में होता है ऐसे लोगो के पास. आप अपने अनुभव भी ऐसे योग पर सांझा करे .When 11 house lord placed in 9 house native will be fortunate. Native will be cleaver and truthfull. Native will be gets honour by kingdom. Native will have huge wealth.

  • सत्ता और शिखर हमेशा नहीं रहते....
  • Reality and Fantasy?Moon is reality and Rahu is fantasy....Whenever Moon affected by Rahu then day dreaming fantasy will be more.
  • सांसारिक सुख के लिए शुक्र का मजबूत होना बहुत ज़रूरी है.. ख़राब शुक्र अथाह पैसा पद होते हुए भी ये ज़िंदगी का लुफ्त कभी नहीं लेने देता. वैसे भी धरती के सबसे निकट चमकीला ग्रह है ये.....
  • बेसिक्स:: कुंडली में कमजोर चन्द्रमा कितनी भी मजबूत कुंडली हो संघर्ष करवाकर ही देता है कुछ और एक सामान्य कुंडली में भी मजबूत चन्द्रमा आसानी से सब दे देता है.चन्द्रमा का गहन अधय्यन ज़रूरी है इसके लिए,चन्द्र के बल पर बहुत बाते निर्भर करती है
  • महापुरुषों या गुरुओ के चरणो में झुक कर जैसे ज्ञान प्राप्त होता है, वैसे ही नक्षत्र के चरण को गहराई में समझने से ज्योतिष का ज्ञान और सटीक फलादेश प्राप्त होता है(ये विडंबना है लोग नक्षत्र तक को ज्यादा ध्यान नहीं देते है जल्दी में )
  • सूर्य चन्द्र बहुत महत्वपूर्ण इसलिए भी है क्योकि चन्द्र मन है और सूर्य आत्मबल.. और सफल और असफल इंसान में यही दोनों चीज़े उसे बनाती है या बर्बाद करती है... मजबूत मन और आत्माबल ही जीत दिलाता है..मन ने एक बार सोच ली और आत्मबल ने थान ली तो कठिन से कठिन कार्य इंसान करता है और सफल कहलाता है
  • नशा ही नशा (शराब गांजा) :: ख़राब राहु-मंगल-शनि और खासतौर पर बिगड़ैल राहु मंगल या राहु शनि और राहु का लग्न या १२ में इनकी कही भी युति हो तो नशा मुक्ति केंद्र को भी घुटने टिकवा देती है(कही-कही बिगड़ैल शुक्र भी ) बशर्ते राहु पर शुभ प्रभाव हो और सूर्य गुरु १पह्ले या नवे घर में हो...
  • कुंडली में केन्द्रो में बैठे शुभ ग्रह कुंडली को बल देते है इनकी अनुपस्थिति केन्द्रो में और पापी ग्रहो की अधिकता देर और संघर्ष कराती है
  • धन कारक नक्षत्र :: नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी, पुनर्वसु, धनिष्ठा, रेवती, विशाखा, स्वाति,ज्येष्ठा नक्षत्र धन के लिए महत्वपूर्ण नक्षत्र है जैसे की पृथ्वी तत्त्व राशि वृसभ कन्या मकर ज़रूरी है धन के लिए
  • धन सम्बन्धी :: ,,१० राशियों ( वृष, कन्या, मकर) का शुभ सम्बन्ध या ,,१० घर के स्वामियों का परिवर्तन एक दूसरे के घर में बैठना धन के लिए अच्छा योग है... साथ में कारक और कुछ बेसिक बातो को ध्यान में रखे !!!!
  • ईश्वर का तुम पर विश्वास करना उनकी कृपा है. उनको सही साबित करना तुम्हारा कर्त्तव्य है.
  • कुछ पाने की ज़िद और अथक लगन कभी कभी बहुत कुछ दे देती है ज़िन्दगी में !!!!!
  • असफलता या गिरना ज़िन्दगी का हिस्सा है
     लेकिन वापस उठकर बेहतर बनना जिंदगी है 
  • गुरु नवे का करक है, नवे घर पर मतलब भाग्य पर अधिपत्य है और गुरु को ही नवी दृष्टि भी प्रदान है, ये नवी दृष्टि बहुत महत्वपूर्ण है ...ये दृष्टि आपके जिस घर पर पड़ती है वो घर काफी एक्टिव हो जाता है और समय पर मतलब अंतर प्रत्यंतर पर बहुत प्रभावी हो जाता है ... और आगे कहु तो त्रिकोण घर सबसे शुभ माने गए है और ये दोनों दृष्टि भी गुरु से संचालित होती है ..गुरु की त्रिकोण दृष्टि उस घर को बहुत शुभ बना देती है

  • वर्ग चिन्ह: शुभ फल देने वाले चिन्हों में से एक है वर्ग का चिन्ह। जिस जगह या जिस रेखा पर यह चिन्ह होता है, वहां के अशुभ प्रभावों को कम करता है। इसे सुरक्षा का चिन्ह माना जाता है। यदि किसी व्यक्ति के हाथों में जीवन रेखा टूटी हुई है तो और वहां कोई वर्ग का चिन्ह बना हो तो समझना चाहिए कि उस समय में आने वाले मृत्यु से रक्षा हो जाएगी।ये चंगा अच्छी शिक्षा, पद और भाग्यवर्धक होता है
  • भाग्य रेखा पर ये चिन्ह कम आयु में भाग्यशाली बनाता है 
  • मंगल पर्वत पर या सूर्य पर्वत के नीचे से मंगल पर्वत जाते हुए कोई रेखा इसे बनाये तो पैतृक सम्पदा प्रचुर मात्रा में 
  • शनि पर्वत में मतलब मुसबीतो से बचाएगा ये चिन्ह

 सम्पर्क करे: